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आर्थोपेडिक-हनुमान

आस्था और विश्वास का अद्भुत मंदिर आर्थोपेडिक हनुमान

पानी के बहाव को और परिंदों के प्रवास को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता ठीक उसी तरह इंसान के विश्वास और आस्था की भी कोई सीमा नहीं है।
आपने हनुमान जी के कई नाम सुने होंगे परन्तु कभी और्थोपेडिक हनुमान जी के बारें में सुना है जो किसी की भी टूटी हड्डियों को जोड़ देते है। ये मंदिर है मोहास का अद्भुत चमत्कारी हनुमान जी का मंदिर। यहाँ हनुमान जी स्वयं डॉक्टर के रूप में विराजमान है। इस मंदिर में लोंग अपनी बैसाखियों पर आते है और अपने पैरो पर चल कर जाते है।
जिस तरह हनुमान जी ने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाये थे उसी तरह यहाँ पर भी एक चमत्कारी जड़ी बूटी मरीजों को दी जाती है आश्चर्य की बात यह है कि इस जुडी-बूटी को इस अदभुत हनुमान जी के मंदिर में पुजारी द्वारा खिलाये जाने पर ही असर होता है और दो घंटे में टूटी हड्डी जुड़ जाती है ।
मंदिर के पुजारी के अनुसार इस जड़ी बूटी की कई वैज्ञानिको ने जाँच की और उन्हें इसमें ऐसा कुछ भी नहीं मिला जिसके कारण हड्डी जुड़ती हो। पुजारी का कहना है की जो भी भक्त इस मंदिर में श्री राम का नाम लगातार लेते हुए इस जड़ी बूटी का पान की तरह धीरे-2 खाता है चमत्कारिक रूप से उसकी टूटी हुई हड्डियाँ जुड़ जाती है अनेक डाक्टर भी इस बात से चकित है परन्तु हनुमान जी की लीला की कोई थाह नहीं । इस चमत्कारी मन्दिर में विशेषतया मंगलवार और शनिवार को अथाह भीड़ होती है । और सभी मरीज ठीक होकर जाते है । जडीबुटी लेने के लगभग दो घंटे बाद जिसका हाथ टुटा हुआ हो वो उस हाथ से पानी की 15-20 किलो की बाल्टी उठा लेता है जिसका पैर टूटा हुआ हो वो उस पैर को जमीन में पटकता है और उस पैर पर चलकर जाता है। जब पुजारी बाबा से इस चमत्कार का कारण पूछा तो उन्होंने इसे समझ के परे बताया और प्रभु हनुमान जी की लीला और कृपा बतलाया। दवा देने से पहले सभी मरीजो को राम राम नाम का जाप लगातार करना होता है । पुजारी के अनुसार जो राम नाम का जाप नहीं करता उस पर दावा का असर नही होता है। यहाँ बनी हनुमान जी की जड़ी बूटी को खिलाने से पहले सभी मरीजो को लें से एक विशेष तरीके से बैठना होता है और लगातार राम नाम का जाप करना होता है कुछ देर लगातार राम नाम का जाप करने के बाद पुजारी जी द्वारा मरीजो को अपने हाथो से चमत्कारी जडीबुटी दी जाती है । बूटी खाने के कुछ देर बाद चमत्कारिक रूप से लोग ठीक हो जाते है और आश्चर्य की बात ये है कि जब इनका एक्स-रे किया जाता है तो हड्डी टूटने से पहले और जडीबुटी लेने के बाद में रात-दिन का फर्क आता है, टूटी हड्डी पूरी तरह हड्डी जुड़ जाती है।
कलयुग में आस्था और विश्वास का इससे बड़ा अन्य साक्षत उदाहरण और क्या हो सकता है। वास्तव में लाभान्वित मरीजों और देखने सुननेवाले हजारों लोगों के लिए ये अकल्पनीय, अद्भुत, अविश्वसनीय ही है।
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