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हनुमान जंजीरा ।। सियावर राम चन्द्र की जय, पवनपुत्र हनुमान की जय ।।
हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान ।
हाथ में लड्‍डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान ।
अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ ।
नौ खंड का भू‍त, जाग जाग हड़मान ।
हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा ।
डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला ।
आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ।
ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड ।
की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें ।
।। सियावर राम चन्द्र की जय, पवनपुत्र हनुमान की जय ।।
मंगल भवन अमंगलहारी द्रवउँ दशरथ अजर बिहारी ।
दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ सम संकट भारी ।।
Hanuman Janjira ।। siyaver ram chandra ki jai, pawanputra hanuman ki jai ।।
Om hanuman pahalwan pahalwan, baras baahar ka jabaan ।
Hath me laddu mukh me paan, khel khel gad lanka ke chougan ।
Ajani ka put, ram ka dut, chhin me kilo ।
No khand ka bhoot, jag jag hadman ।
Hunkala, Taati loha lankala, Shish jata ।
Dag deru umer gaaje, vajra ki kothadi braj ka taala ।
Age arjun pichhe bhim, chor naar chanpe ।
Ne sinn, ajara jhare bharya bhare, e ghat pind ।
ki raksha raja ramchandra ji laxman kunwar hadman kare ।
।। siyaver ram chandra ki jai, pawanputra hanuman ki jai ।।