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हनुमान पूजा विधि

हनुमान जी का ध्यान मंत्र पूजा हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का यह अचूक उपाय है। ये किसी भी मंगलवार से शुरू कर सकते है। शुक्लपक्ष के प्रथम मंगलवार से शुरू करना उत्तम होगा।

  • पूजा सामग्री : हनुमान जी की छोटी मूर्ति या तस्वीर, एक चौकी, लाल वस्त्र , एक लौटा शुद्ध जल, घी का दीपक, नैवेध

  • पूजा विधि : स्नान कर लाल लंगोट या धोती धारण कर लें। घर के मन्दिर में एक सूती या ऊनी आसन पर पूर्व या उत्तर की तरफ मुख कर के बैठ जायें। एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछा कर उस पर हनुमान जी की छोटी मूर्ति या तस्वीर विराजमान करें। एक लौटा शुद्ध जल रखे दीपक प्रज्वलित करे व नैवेध चढ़ाये। अब मन्दिर की बत्ती बंद कर दे। अब हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को एकटक देखते रहे। 10-15 मिनट तक ऐसा करे और थोड़ी देर आँखे बंद कर ले। हनुमान जी को प्रणाम करें और उठ जाये। ऐसा प्रतिदिन 3-4 दिन तक करें। जब आप ऐसी स्थिति में आ जाये कि आँखे बंद होने पर हनुमान जी की प्रतिमा मन के भीतर प्रकट हो जाये तब मंत्र जाप शुरू करें। ऐसी अवस्था में मंत्र जाप के लिए किसी माला या गणना आदि का प्रयोग ना करें । जितनी देर सहज व शांत मन से कर सके उतनी ही देर करें। बैचेन होने पर हनुमान जी को प्रणाम कर उठ जायें।

    मंत्र :
    अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम् ।
    दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ।।
    सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम् ।
    रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ।।

    अलग अलग कार्यो के लिए अलग अलग मंत्र होते है। जिनके बारें में हनुमान संग्रह सेट में दिया गया है।

सरल हनुमान पूजा

  • पूजा सामग्री : हनुमान जी की छोटी मूर्ति या तस्वीर, एक चौकी, सवा मीटर लाल सूती कपडा, एक लौटा शुद्ध जल, सवा सौ ग्राम अखंडित चावल, सिंदूर , चमेली का तेल,घी का दीपक, नैवेध

  • पूजा विधि : शुक्लपक्ष के प्रथम मंगलवार या शनिवार से शुरू कर प्रतिदिन या हर मंगलवार या शनिवार को कर सकते है। घर के मन्दिर में या शांत व एकांत कमरे में ये पूजा करें। प्रात: स्नान कर लाल लंगोट या धोती धारण कर लें। स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर ले। एक सूती या ऊनी आसन लें। पूर्व या उत्तर की तरफ मुख कर के बैठ जायें। अपने सामने दीवार से लगते हुए एक चौकी ले और उस पर सवा मीटर लाल सूती कपडा बिछा दें। चौकी पर बिछे इस वस्त्र पर सवा सौ ग्राम अखंडित चावल की ढेरी बना लें । सिंदूर में शुद्ध चमेली का तेल ले कर चावलों पर अच्छी तरह छींटे दें। अब हनुमान जी की तस्वीर इस पर विराजित करें। चौकी पर अपने बायीं तरफ घी का दीपक प्रज्वलित करें व एक लौटा शुद्ध जल का रखें। हनुमान जी को नैवेध अर्पित करें। अब हनुमान जी को अपनी कामना बताये और हनुमान चालीसा का या अन्य कोई पाठ करना चाहते है वो करें। पाठ के समाप्ति पर हनुमान जी प्रणाम करें और उठ जायें। जब तक दीपक जलता रहे कोई चीज ना हिलाये। दीपक के ठंडा हो जाने के बाद हनुमान जी की तस्वीर को स्वच्छ व सुरक्षित स्थान पर रख दें। लोटे के जल को पौधों में डाल दें। चावल पक्षियों को डाल दें। प्रसाद परिवार को बाँट दे और खुद भी ग्रहण करें। चौकी के लाल वस्त्र को उठा कर धो ले। अपनी धोती को भी बदल ले और धो ले। अगले सप्ताह पुन: इन्हें उपयोग करें।

हनुमान दैनिक पूजा विधि

  • पूजा सामग्री : चौकी, लाल वस्त्र, हनुमान जी की तस्वीर, साबुत चावल (अक्षत), दीपक, घी, बत्ती, धूपबत्ती, पुष्प व पुष्प माला, चन्दन, गुड़ और चने का प्रसाद, शुद्ध जल या गंगा जल, 5 तुलसीदल

  • पूजा विधि : स्नान कर शुद्ध हो स्वच्छ वस्त्र धारण करके आसन ग्रहण करें।
    सबसे पहले चौकी पर लाल वस्त्र बिछाये और हनुमान जी की तस्वीर स्थापित करें।
    दीपक व धुपबत्ती जला कर पूजा आरम्भ करें। सबसे पहले गणेश जी को प्रणाम कर प्रार्थना करें कि हनुमान जी की यह पूजा निर्विघ्न पूर्ण करायें।
    अब हनुमान जी से प्रार्थना करें कि हे हनुमान जी पधारिये और पूजा ग्रहण कीजिये।
    अब एक पुष्प से हनुमान जी की तस्वीर पर जल छिड़के। चंदन से तिलक करें और तिलक पर चावल लगायें।
    हनुमान जी को पुष्प माला पहनाये। अब हनुमान जी को दीपक दिखाये फिर धुप दिखाएँ। अब हनुमान जी को गुड़ और चने का प्रसाद अर्पित करें और अन्त में शुद्ध जल या गंगा जल अर्पित करें। अब विशेषरूप से तुलसीदल अर्पित करें।

    अब हनुमान जी के बीज मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
    ॐ हनुमंते नमः जप समाप्त होने पर विसर्जन करें।
    हाथ में पुष्प व अक्षत लेकर चौकी पर छोड़ते हुए कहे
    हे हनुमान जी आप मेरी पूजा ग्रहण करने के लिए पधारें इसके लिए कोटि कोटि धन्यवाद, कृपया मेरी पूजा और जप ग्रहण कीजिये और पुनः अपने दिव्य लोक को पधारिये

हनुमान को चोला चढ़ाने की विधि

  • सामग्री : कुमकुम, अक्षत, लाल वस्त्र, जनेऊ, सिंदूर, चमेली का तेल, घी का दीपक, सरसों के तेल का बत्ती का दीपक, धूपबत्ती, पुष्प व पुष्प माला, चन्दन, गुड़ और चने का प्रसाद, नारियल, शुद्ध जल या गंगा जल, 5 तुलसीदल, आरती की ताम्बे या पीतल की थाली जिसमे कपूर और घी का दीपक हो।

  • विधि : ऐसे हनुमान मन्दिर जाये जहा हनुमान जी की प्रतिमा पर सिंदूर का चौला चढ़ा हो।
    हनुमान जी की प्रतिमा को चोला चढ़ाने से पूर्व पवित्र जल या गंगा जल से स्नान करायें।

    सिंदूर में चमेली का तेल मिला कर इस विशेष मंत्र से प्रतिमा पर सिन्दूर का चौला चढ़ाये। चोला चढाते हुए ये मंत्र लगातार मन ही मन बोलते रहे :

    सिन्दूर रक्तवर्ण च सिन्दूर तिलकप्रिये।
    भक्तायां दत्त मया देव सिन्दूर प्रतिगृह्यातम।।

    चोला चढाने के बाद जनेऊ पहनाये, वस्त्र अर्पित करें, चन्दन व कुमकुम से तिलक करें, अक्षत लगाये, पुष्प माला, पहनाये, धूपबत्ती जलाये, घी का दीपक अपने बायीं तरफ व सरसों के तेल का बत्ती का दीपक दायें और प्रज्वलित करें। गुड़ और चने का प्रसाद व नारियल अर्पित करें व अन्त में तुलसीदल अर्पित करें।
    अब बैठ कर हनुमान चालीसा या बजरंगबाण का पाठ करें।
    अन्त में कपूर और घी का दीपक से हनुमान जी आरती करें। और अपनी मनोकामना हनुमान जी को बताये।
    गुड़ और चने का प्रसाद वितरण करें।
    विशेष: हनुमान जी की पूजा में लाल वस्त्र धारण करने चाहिये। यदि माला जाप कर रहे हो तो लाल चन्दन की माला या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना चाहिए।